रवैया

रवैया
नरम स्याही जो रंगीन बना देती किसी के अस्तित्व में खिल तो जाती लेकिन शायद बेरंग भी हो जाती जब ... Read more

कहानियाँ

कहानियाँ
तीन दिन की बड़ी कहानियाँ जुडी फिर टूटी सिमटी एक किसी ओर कोने में फेक दी मैंने कहा किताबी कीड़ा चल ... Read more

बक्से की चादर

बक्से की चादर
बक्से की चादर ओढ़ रखी मैंने करवटे बदल रात को चैन न फिर भी आवाज में गूंजती धम धम सी धुन शायद अब ... Read more

मिलाप

मिलाप
बादल जो मुस्कुराए फूटी झरनों की धार पर्वत की गोदी में छाया प्यार ही प्यार!   यूं तो पर्वतों ने ... Read more

तुमसे मै

तुमसे मै
आँखों के इशारे कितने बार बयान करते लेकिन मै समझ न पता ना समझ जो हूँ तुम्हारी कशिश अजीब सी है ... Read more